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डीईओ पर गंभीर आरोप, गिर सकती गाज
उज्जैन। जिला शिक्षा अधिकारी संजय गोयल की मुसीबत बढ़ सकती है। कांंग्रेस प्रवक्ता विवेक गुप्ता ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल लिया है। उन्होंने डीईओ पर आरोप लगाए हैं कि नियम विरुद्ध तरीके से कार्य करते हुए काफी भ्रष्टाचार किया है। मामले में कलेक्टर से शिकायत का भी हवाला दिया है। डीईओ ने सभी मामलों में अपनी सफाई दी है।
सर्वविदित है कि १०वीं की छात्रा ग्राम सिपावरा निवासी किरण कटारिया को १ मार्च को प्रवेश पत्र नहीं होने पर परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया था। मामले के तूल पकडऩे पर कलेक्टर ने डीईओ गोयल को शोकाज नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामला अभी शांत हुआ भी नहीं था कि शनिवार को कांग्रेस प्रवक्ता गुप्ता ने डीईओ के खिलाफ और मुखर हो गए। उन्होंने आधा दर्जन से अधिक मामलों में डीईओ पर आरोप लगाते हुए विभिन्न स्तर पर जांच का हवाला दिया है। यहीं नहीं गुप्ता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कलेक्टर को वाट्सएप के जरिए शिकायत भेज दी है। हालांकि आरोपों के संबंध में गुप्ता ने कोई प्रमाण नहीं दिए हंै।
यह लगाए आरोप
गोयल डीईओ और डीपीसी जैसे दो महत्वपूर्ण पद पर पदस्थ हैं।
इंदौर में पदस्थी के दौरान निजी स्कूलों को नियम विरुद्ध मान्यता दी। लोकायुक्त में प्रकरण बताया।
शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। संभागायुक्त के पास जांच लंबित।
नए भवन के निर्माण में भ्रष्टाचार।
जिले के छात्रावासों के लिए अलग से बजट होने पर भी स्थिति खराब का आरोप।
छात्रावासों में खर्च के लिए कमेटी से नहीं करवाने का आरोप।
उज्जैन के कई निजी स्कूलों को नियम विरुद्ध तरीके से मान्यता।
संचालकों की मिलीभगत से निगम के बगीचों को स्कूल बताए।
यह बोले गोयल
डीईओ गोयल ने आरोपों पर बिंदूवार जवाब दिए हैं। उन्होंने छात्रा के परीक्षा से वंचित रहने के लिए खुद को निर्दोष बताया। दो पदों पर रहने को शासन की व्यवस्था बताई। साथ ही भ्रष्टाचार के आरोपों में जांच की बात को नकार दिया।